याद
याद
किसी किताब में है तू
किसी दुख भरी बातों में तू........
कहीं छुपा ,कई रूठा
मेरे यादों के पन्नों पर सिर्फ तेरा नाम है.......
मेरे होठों पर आई मुस्कान का हिस्सा है तू.......
सब से छुपा कर मैंने तुझे अपने सीने से लगाया था......
तुझे अपनी आंखों में सजाया था
होठों की मुस्कान बनाई थी........
पर आज मेरी आंखें, होठ रुठे से
ख्वाब टूटे, से, दिल हारा सा है, मैं बेचैन हूं........
है तो
सिर्फ तेरी यादें सिर्फ तेरी यादें.......
किसी किताब में है तू
किसी दुख भरी बातों में तू........
कहीं छुपा ,कई रूठा
मेरे यादों के पन्नों पर सिर्फ तेरा नाम है.......
मेरे होठों पर आई मुस्कान का हिस्सा है तू.......
सब से छुपा कर मैंने तुझे अपने सीने से लगाया था......
तुझे अपनी आंखों में सजाया था
होठों की मुस्कान बनाई थी........
पर आज मेरी आंखें, होठ रुठे से
ख्वाब टूटे, से, दिल हारा सा है, मैं बेचैन हूं........
है तो
सिर्फ तेरी यादें सिर्फ तेरी यादें.......
Wah wah💥
ReplyDeleteNice
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ReplyDeleteNice 👌👌
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteNice ❤️ ❤️
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ReplyDeleteWaah...Aise hi likhti rehna... Aapke agli aashique bhari kavita ka intzaar rahega...😍
ReplyDeleteKyaa baat hai❣️✨
ReplyDeleteNice poem
ReplyDeleteNice ...👌👌
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteKeep it up
ReplyDeleteNice 😊
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