हम
हम
मैं अकेली राह पर चल रही थी
अपने आप से बड़बड़ा रही थी
बड़ा बड़ा ते चलते चलते
सुखी सी सड़क खूबसूरत बन गई
इरादा तो अकेले चलने का था बड़बड़ आने का था
पता नहीं कहां से वो आया
और पता भी नहीं चला कि कब राह खत्म हो गई
और कब याद बन गए एक खूबसूरत रास्ता बन गया और एक खूबसूरत लम्हा बन गया
क्योंकि मैं मैं नहीं रही हम हम बन गए
मैं अकेली राह पर चल रही थी
अपने आप से बड़बड़ा रही थी
बड़ा बड़ा ते चलते चलते
सुखी सी सड़क खूबसूरत बन गई
इरादा तो अकेले चलने का था बड़बड़ आने का था
पता नहीं कहां से वो आया
और पता भी नहीं चला कि कब राह खत्म हो गई
और कब याद बन गए एक खूबसूरत रास्ता बन गया और एक खूबसूरत लम्हा बन गया
क्योंकि मैं मैं नहीं रही हम हम बन गए
Very nice
ReplyDeleteNice 👍
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ReplyDeleteNiceeeee
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteGood
ReplyDeleteNice👌
ReplyDeleteSoo nice
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ReplyDeleteNice 😍
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